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इरेक्टाइल डिसफंक्शन का मतलब होता है, कि सेक्स करने के लिए लंबे समय तक इरेक्शन न हो पाना या फिर उसको बना कर न रख पाना। आपको बता दें, कि इसकी कई अलग- अलग वजह हो सकती हैं, जिसमें आम तौर पर, आपकी ब्लड वेसल को प्रभावित करने वाली कंडीशन, न्यूरोलॉजिकल कंडीशन, मेंटल हेल्थ कंडीशन और चोटें आदि शामिल हो सकती हैं। एक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता इरेक्टाइल डिसफंक्शन का पता लगाकर उसका इलाज कर सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं, कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन क्या है, और इसके लक्षण, कारण और इलाज क्या हो सकते हैं?
इरेक्टाइल डिसफंक्शन क्या है?
दरअसल, किसी व्यक्ति द्वारा यौन संबंध बनाते वक्त इरेक्शन न होने के कारण पेनिट्रेशन में काफी परेशानी होती है और पेनिट्रेशन में आने वाली समस्या को इरेक्टाइल डिसफंक्शन के नाम से जाना जाता है। दरअसल, इस को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन या फिर नपुंसकता भी कहा जाता है। आपको बता दें कि इस तरह की स्थिति में, कुछ पुरुषों को सेक्स के दौरान इरेक्शन नहीं आता है, पर आम तौर पर, अगर कुछ स्थितियों में ऐसा होता भी है, तो वह इस इरेक्शन को लगातार बनाए नहीं रख पाते हैं और इरेक्शन कुछ सेकेंड में खत्म हो जाता है।
आम तौर पर, इस तरह की स्थिति में जब कोई पुरुष जिन्सी तौर पर उत्तेजित होता है, तो उस दौरान उस को इरेक्शन महसूस होता है। इस स्थिति के बाद, उसका दिमाग उसके प्राइवेट पार्ट की नसों में ब्लड फ्लो बढ़ा देता है। दरअसल, इस तरह की स्थिति को इरेक्शन कहा जाता है। हालांकि आपको बता दें कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या से कोई भी व्यक्ति पीड़ित हो सकता है। पर ज्यादातर मामलों में, जिन पुरुषों की उम्र 40 से साल से ज्यादा की होती है, यह समस्या उन पुरुषों में अधिक देखने को मिलती है। आम तौर पर, यह मर्द बांझपन के मुख्य कारणों में से एक माना जाता है।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन के कारण क्या होते हैं?
1. कार्डियोवैस्कुलर बीमारी, डायबिटीज, न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर, हार्मोनल इम्बैलेंस, जेंडर एब्नार्मेलिटी, पेल्विक इंजरी का होना।
2. ज्यादातर तनाव, चिंता, अवसाद, रिश्तों में समस्याएं या फिर प्रदर्शन की चिंता का होना।
3. एंटीहाइपरटेन्सिव, एंटीडिप्रेसेंट्स, एंटीसाइकोटिक्स और कुछ अन्य दवाओं का सेवन करना।
4. अनहेल्दी जीवन शैली का होना।
5. धूम्रपान करना, ज्यादातर शराब का सेवन करना, नशीली दवाओं का इस्तेमाल करना, मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी का होना।
6. रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याएं का होना।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लक्षण
1. यौन संबंध इच्छा में कमी होना।
2. लिंग में उत्तेजना लाने में दिक्कतों का सामना करना।
3. वक्त से पहले स्खलन होना, या फिर स्खलन में देरी का होना।
4. काफी स्टिम्युलेशन के बाद भी सेक्सुअली संतुष्ट न हो पाना।
5. इस दौरान ज्यादातर तनाव और शर्मिंदगी महसूस होना।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज
आपको बता दें, कि एक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता इरेक्टाइल डिसफंक्शन का पता लगाकर उसका इलाज कर सकता है। दरअसल, इस तरह की समस्या का इलाज करने के लिए डॉक्टर कुछ इस तरह की दवाइयों को लिख सकते हैं, जिनमें नाइट्रिक एसिड मौजूद होता है। इन दवाओं में, नाइट्रिक एसिड मौजूद होने के कारण लिंग की मांसपेशियों को आराम प्राप्त होता है और साथ में उत्तेजना बढ़ती है। इससे इरेक्शन में कोई दिक्क्त नहीं होती है। इन दवाइओं में, मुख्य रूप से निम्नलिखत शामिल हैं, जैसे कि
1. सिल्डेनाफिल
2. टेडलाफिल
3. वार्डनफिल
4. अवैनाफिल
इसके अन्य विकल्पों में एलप्रोस्टेडिल सेल्फ इंजेक्शन, टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट और एल-आर्जिनिन आदि शामिल हो सकते हैं।
निष्कर्ष
किसी व्यक्ति द्वारा यौन संबंध बनाते वक्त इरेक्शन न होने के कारण पेनिट्रेशन में काफी परेशानी होने लगती है और पेनिट्रेशन में आने वाली समस्या को इरेक्टाइल डिसफंक्शन कहा जाता है। इस समस्या की कई अलग -अलग वजह हो सकती हैं, जिसमें ब्लड वेसल को प्रभावित करने वाली कंडीशन, न्यूरोलॉजिकल और चोटें शामिल होती हैं। इस समस्या को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन या फिर नपुंसकता भी कहा जाता है। इस समस्या के उत्पन्न होने के कई कारण होते हैं, जिनमें तनाव, चिंता, अवसाद,अनहेल्दी जीवन शैली और कई बीमारियां शामिल हैं। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लक्षणों में सेक्स की इच्छा में कमी और स्ट्रेस और शर्मिंदगी महसूस होना शामिल है। एक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता इरेक्टाइल डिसफंक्शन का पता लगाकर उसका इलाज कर सकता है। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी है या फिर आपको भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन जैसी कोई समस्या है और आप इस समस्या का समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही संजीवनी हेल्थ सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी पर्पट कर सकते हैं।
