नसों की कमजोरी का क्या है आयुर्वेदिक इलाज ?

 नसों की कमजोरी का क्या है आयुर्वेदिक इलाज ?

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नसों का हमारे शरीर में महत्वपूर्ण स्थान होता है या यु कहे की ये महत्वपूर्ण अंग है, जो हमारे शरीर में रक्त संचारित करता है, जो हमें जिन्दा रहने के लिए बहुत अहम होता है। पर कई बार कुछ कारणों से ये कमजोर पड़ जाती हैं जिसकी वजह से हमें कई शरीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा ये कमजोर किन कारणों से पड़ती है और इनको किन घरेलू उपायों या आयुर्वेदिक दवाइयों की मदद से ठीक किया जा सकता है;

नसों के कमजोर होने के क्या कारण है ?

  • किसी दुर्घटना के कारण शरीर पर आने वाली चोट।
  • डायबिटीज की समस्या।
  • हाई ब्लड प्रेशर या आर्टरी वॉल के अंदर फैट का जमाव।
  • किसी संक्रामक बीमारी के कारण, जिसका सीधा प्रभाव नसों की कार्यक्षमता पर पड़े।

अगर आपमें भी नसों में कजोरी के कारण यही है, तो बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से सम्पर्क करें।

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क्या है नसों की कमजोरी ?

  • नसों की कमजोरी की बात करें तो इसको मेडिकल टर्म में न्यूरोपैथी के नाम से जाना जाता है। वहीं, बात जब संपूर्ण शरीर की नसों की कमजोरी की हो रही हो, तो उसके लिए मेडिकली टर्म के रूप में इसे पेरिफेरल न्यूरोपैथी कहा जाता है। 
  • वही यह जान लेना सबके लिए बहुत जरूरी है कि नसें शरीर में किसी कम्प्यूटर के वायर की तरह काम करती हैं, जो शरीर की विभिन्न क्रियाओं को करने के लिए दिमाग तक संदेश पहुंचाती हैं। जब किसी वजह से ये नसें दिमाग तक ठीक तरह से संदेश नहीं पहुंचा पाती हैं, तो इसे ही नसों की कमजोरी के रूप में जाना जाता है। 

अगर आपकी नसे भी कमजोर है तो इसके इलाज के लिए आपको बेस्ट आयुर्वेदिक क्लिनिक से सम्पर्क करना चाहिए।

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नसों में कमजोरी के लक्षण क्या है ?

  • नसों में जान महसूस न होना।
  • प्रभावित हिस्से में अत्यधिक दर्द या मरोड़ का पड़ना।
  • नसों में तनाव महसूस होना।
  • हाथ या पैर में संवेदनहीनता।
  • अनियंत्रित बल्ड प्रेशर।
  • पेट से संबंधित विकार।

नसों को कमजोरी से बचाव के लिए बेहतरीन आयुर्वेदिक सेंटर ?

  • अगर आपको नसों में कमजोरी का अनुभव हो रहा है तो इससे बचाव के लिए आपको समय रहते संजीवनी हेल्थ सेंटर का चयन करना चाहिए। 

नसों को कमजोरी से बचाव के लिए बेस्ट आयुर्वेदिक व घरेलू इलाज ?

  • यदि आपके नसों में बहुत ज्यादा दर्द होता है तो इससे बचाव के लिए आपको पुदीने के तेल से मालिश करना चाहिए। 
  • गर्म सरसों के तेल से नसों के दर्द वाली जगह पर मालिश करने से दर्द से छुटकरा मिलता है। 
  • लेवेंडर का फूल भी नसों के दर्द से छुटकारा दिलाता है। 
  • रोजाना किसमिस का सेवन नसों की कमजोरी का बेहतरीन इलाज है।
  • आयुर्वेद में अश्वगन्धा 100 ग्राम, सतावर 100 ग्राम, बाहीपत्र 100 ग्राम, इसबगोल की भूसी 100 ग्राम, तालमिश्री 400 ग्राम, इन सबका एक मिश्रण बना ले और इस मिश्रण को सुबह व शाम दूध के साथ लें। लगभग एक महीने के प्रयोग से ही शरीर की रक्त क्षमता बढ़ जाती है। और नशों में ताक़त आने लगती है, आदि। 
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निष्कर्ष :

नसों में ज्यादा कमजोरी होने पर उपरोक्त इलाज को तो आपने अपनाना ही है और साथ ही इससे निजात पाने के लिए समय रहते किसी बेहतरीन डॉक्टर का भी आपको चयन कर लेना चाहिए, क्युकी नसों का चलना हमारी सांसो पर निर्भर करता है। इसलिए नसों के मामले में लापरवाही बिलकुल न करें और किसी भी तरह के इलाज को अपनाने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह ले।