![]()
आज हर कोई किडनी से जुड़ी तरह-तरह की समस्याओं का सामना कर रहा है। दरअसल, किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है, जो शरीर की गंदगी को बाहर निकालने में हमारी काफी ज्यादा सहायता करती है। मतलब कि यह हमारे शरीर को डिटॉक्स करने का काम करती है। आम तौर पर इसमें होने वाली किसी भी तरह की समस्या हमारे पूरे शरीर को बुरी तरीके से प्रभावित कर देती है। दरअसल, किडनी में कोई भी परेशानी होने पर हमारा शरीर कई तरह के संकेतों को प्रदान करता है, जिन पर ध्यान देना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। अगर इन संकेतों पर ध्यान न दिया जाये, तो इससे आपको भारी नुक्सान झेलना पड़ सकता है। इसलिए, वक्त रहते सतर्क होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।
दरअसल, किडनी की बीमारी विशेष तौर पर क्रोनिक किडनी डिजीज जिसे किडनी की पुरानी बीमारी भी कहा जाता है। यह बीमारी समय के साथ धीरे-धीरे बढ़ती है, जिसकी वजह से किडनी के काम करने की क्षमता काफी कम हो जाती है। दरअसल, इस समस्या के शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, इसलिए इसे साइलेंट डिजीज के नाम से भी जाना जाता है।
आम तौर पर, यूनानी सिद्धांतों के मुताबिक, शरीर में होने वाले ह्यूमर्स के इम्बैलेंस और किडनी के मूड में बदलाव के कारण ही बीमारी उत्पन्न होती है। इसलिए, इसके शुरुआती लक्षणों की पहचान कर इस का इलाज करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, ताकि इस बीमारी को आगे बढ़ने से रोका जा सके। दरअसल, आधुनिक चिकित्सा और साथ में यूनानी सिद्धांत के अनुसार शरीर में दिखने वाली कुछ संकेतों से ही आप किडनी के बीमार होने का पता लगा सकते हैं, जैसे कि अचानक पेशाब में बदलाव होना, काफी ज्यादा थकान व कमजोरी महसूस होना, शरीर में सूजन आना और कमर के निचले हिस्से में दर्द होना जैसे कई संकेत नजर आ सकते हैं। लक्षण नजर आते ही आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
संकेत जिससे किडनी बीमार होने का पता चलता है!
अगर आपको किडनी से जुड़ी कोई बीमारी है, तो आप इन संकेतों से उसकी पुष्टि कर सकते हैं, जैसे
1. पेशाब में बदलाव होना
किडनी की बीमारी के शुरुआती संकेतों में रात को बार-बार पेशाब आना, झागदार पेशाब आना पेशाब की मात्रा में कमी होना और पेशाब में खून आना जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं।
2. शरीर में सूजन होना
जब किडनी सही तरीके से अपना काम नहीं करती है, तो इसके कारण शरीर में तरल पदार्थ जमा हो जाते हैं, जिससे कि चेहरे, पैरों, टखनों और हाथों में सूजन नजर आने लग जाती है।
यूनानी में किडनी डिजीज के लिए कौन-कौन सी दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है?
हालांकि, यूनानी में ऐसी कई दवाइयां मौजूद हैं, जिस से किडनी की बीमारी का इलाज किया जा सकता है। पर, इन दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर से बिना पूछे नहीं करना चाहिए। इन दवाओं में शामिल हो सकती हैं, जैसे
1. तुख्म-ए-कुर्फा।
2. तुख्म-ए-काहू।
3. जवारिश ज़रूरी सोडा।
निष्कर्ष: इस बात से कोई भी अनजान नहीं है, कि किडनी हमारे शरीर में महत्वपूर्ण भूमिका को निभाती है। इसके खराब होने पर शरीर के सभी काम बुरी तरीके से प्रभावित हो जाते हैं और व्यक्ति एक मरीज की तरह पड़ा रहता है। इसलिए, किडनी की देखभाल करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। कई कारणों की वजह से किडनी बीमार हो सकती है, इसलिए अपनी रोजाना की आदतों में बदलाव करना और हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह जैसी समस्याओं का जल्द इलाज करवाना और तो और दर्द निवारक दवाओं का कम से कम सेवन करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। किडनी डिजीज होने पर पेशाब का रंग पीला दिखाई दे सकता है। ऐसे में आप किडनी की बीमारियों का इलाज करने के लिए यूनानी पद्धति का सहारा ले सकते हैं। अपनी किडनी को सेहतमंद रखने के लिए आप अपने लाइफस्टाइल में बदलाव कर सकते हैं। पेशाब में बदलाव होना, शरीर में सूजन नजर आना, कमर के निचले हिस्से में दर्द होना और थकान व कमजोरी महसूस होना जैसे संकेतों से किडनी बीमार होने का पता चल सकता है। अगर आपको भी इस तरह के लक्षणों का सामना करना पड़ रहा है और आप इन लक्षणों से काफी परेशान हो गए हैं और आप इस समस्या का तुरंत समाधान चाहते हैं, तो इसके लिए आप आज ही संजीवनी हेल्थ सेंटरके विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!
प्रश्न 1. किडनी डिजीज होने पर कौन से लक्षण नजर आ सकते हैं?
वैसे तो, किडनी की बीमारी होने पर आपको कई तरह के लक्षण नजर आ सकते हैं, जिसमें पेशाब में बदलाव होना, शरीर में सूजन नजर आना, काफी ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होना, त्वचा में खुजली और सूखापन महसूस होना, सांसों का फूल जाना, पीठ या फिर पेट में काफी दर्द महसूस होना, नींद का पैटर्न खराब होना और ध्यान केंद्रित न कर पाना जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं।
प्रश्न 2. किडनी को सेहतमंद रखने के लिए किस खाने का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है?
दरअसल, किडनी को सेहतमंद रखने के लिए आप सोडियम, पोटेशियम और फास्फोरस की कम मात्रा वाले भोजन का सेवन कर सकते हैं, इसके लिए आप अपनी डाइट में फूलगोभी, पत्तागोभी, प्याज, लहसुन, सेब, जामुन और जैतून के तेल का सेवन शामिल कर सकते हैं। यह किडनी को सेहतमंद रखने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं। इसके अलावा, आप पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन कर सकते हैं और साथ में प्रोसेस्ड फूड के सेवन से अपना बचाव कर सकते हैं।
प्रश्न 3. किडनी खराब होने के क्या कारण हो सकते हैं?
दरअसल, किडनी खराब होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें विशेष तौर पर हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, दर्द निवारक दवाओं का काफी सेवन करना और किडनी संक्रमण होने जैसे कई कारण शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, मोटापा, आनुवंशिकता और साथ में पानी का सेवन कम मात्रा में करना शामिल हो सकता है।
