क्या वाकई सर्दियों की थकान को जड़ से खत्म कर सकता है शिलाजीत? डॉक्टर से जानें इसके सेवन के तरीके से बारे में!

Herbal remedy for back pain relief at Sanjivani Health Centre.

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दरअसल, आज कि भागदौड़ भरी जिंदगी के कारण बहुत से लोग अपने शरीर में काफी थकान को महसूस करते हैं, जिसकी वजह से वह रोज काफी ज्यादा परेशान और सुस्त महसूस करने लग जाते हैं। इससे उनकी रोजाना की गतिविधियां भी काफी ज्यादा प्रभावित होने लग जाती हैं। इस समस्या से राहत पाने के लिए लोग न जाने कितनी ही चीजों का इस्तेमाल करते हैं, जिस में कई तरह के प्राकृतिक उपाय भी शामिल होते हैं। जब हमने प्राकृतिक उपाय की बात की है, तो इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप शिलाजीत का सेवन कर सकते हैं। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि एक व्यक्ति में शारीरिक थकान, कमजोरी और ऊर्जा की कमी के लिए जिन प्राकृतिक औषधियों को आयुर्वेद में सबसे ज्यादा बढ़िया माना गया है, दरअसल उन प्राकृतिक औषधियों में शिलाजीत जैसी जड़ी बूटी का नाम सबसे ऊपर आता है। आम तौर पर, डॉक्टर के अनुसार रोजाना शिलाजीत का सेवन करने पर शरीर के सेल्स की मरम्मत होती है, जिस की मदद से शरीर में होने वाली थकान को कम करने में काफी ज्यादा सहायता प्राप्त होती है। यह बात सच है, कि सर्दियों की थकान को जड़ से खत्म करने के लिए शिलाजीत काफी ज्यादा लाभदायक साबित होता है। शिलाजीत न केवल शारीरिक थकान को दूर करने में काफी ज्यादा मदद करता है, बल्कि आपको फ्रेश महसूस कराने में भी आपकी काफी ज्यादा सहायता करता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

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शारीरिक थकान को खत्म करने में शिलाजीत कैसे फायदेमंद साबित हो सकता है?

शिलाजीत के शारीरिक थकान को दूर करने के फायदे निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि 

1. डॉक्टर के अनुसार, शिलाजीत में कई तरह के फुलविक एसिड पाए जाते हैं, जो असल में शरीर की कोशिकाओं तक सभी पोषक तत्वों को पहुंचाने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं। आम तौर पर इसकी वजह से माइटोकॉन्ड्रिया की काम करने की शक्ति में काफी ज्यादा बढ़ोतरी होती है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि जब शरीर में माइट्रोकान्डिया की काम करने की शक्ति बढ़ जाती है, तो शरीर जल्दी थकान महसूस नहीं करता है और शरीर पूरा दिन एक्टिव रहता है। 

2. आम तौर पर, आयुर्वेद में शिलाजीत को ओज-वर्धक और एक शक्तिशाली रसायन माना जाता है, जो शरीर की कई तरह की समस्याओं को ठीक करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। दरअसल, नियमित शिलाजीत का सेवन करने से शरीर न केवल बाहर से बल्कि अंदर से भी काफी ज्यादा मजबूत बनता है और साथ में शरीर की सारी थकान काफी ज्यादा कम हो जाती है। 

3. दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि शिलाजीत का सेवन शरीर के वात दोष को संतुलित करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। क्योंकि, आयुर्वेद के अनुसार केवल शरीर के वात दोष के कारण ही एक व्यक्ति को शरीर में काफी ज्यादा थकान, जोड़ों और हड्डयों में दर्द, कमजोरी और सुस्ती जैसी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आम तौर पर, इस तरह की स्थिति के दौरान जब शिलाजीत का नियमित सेवन करने से वात दोष संतुलित हो जाता है, तो इस दौरान शारीरिक थकान खुद -ब -खुद कम और शरीर को आराम मिलने लग जाता है। इसके अलावा, शिलाजीत शरीर की नसों की कमजोरी को भी दूर करने में आपकी काफी ज्यादा मदद करता है। 

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आयुर्वेद के अनुसार शिलाजीत का सेवन कैसे किया जा सकता है?

1. आम तौर पर, आयुर्वेद के अनुसार रोजाना शिलाजीत का सेवन करना बहुत ही ज्यादा आसान होता है। दरअसल, इसका सेवन न केवल सुबह खाली पेट किया जा सकता है, बल्कि रात में दूध के साथ भी किया जा सकता है। इसके लिए आप रोजाना शिलाजीत की कम से कम 300 से 500 मिलीग्राम मात्रा को एक गिलास गुनगुने पानी या फिर दूध के साथ ले सकते हैं। रोजाना खाली पेट इसका सेवन काफी ज्यादा लाभदायक माना जाता है। 

2. दरअसल, इस तरह की स्थिति के दौरान अगर आपको शरीर में हद से ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होती है, तो आप इस समस्या से तुरंत राहत पाने के लिए आप अश्वगंधा चूर्ण के साथ शिलाजीत का सेवन कर सकते हैं। पर, इस का सेवन करने से पहले आपको अपने डॉक्टर या फिर किसी अच्छे आयुर्वेदाचार्य से सलाह जरूर लेनी चाहिए। 

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शिलाजीत का सेवन कितने दिन किया जाता है?

आम तौर पर, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि शिलाजीत का सेवन लगभग 40 से 90 दिनों तक करना बिल्कुल ठीक होता है। हालांकि, सबसे अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए 6 से 12 सप्ताह तक लगातार शिलाजीत का सेवन करना बहुत ही ज्यादा अच्छा रहता है। पर, शिलाजीत का सेवन करते वक्त बीच-बीच में ब्रेक लेना भी बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। जो व्यक्ति शारीरिक शक्ति प्राप्त करने के लिए शिलाजीत का सेवन करना चाहते हैं, दरअसल उनको सब से पहले किसी अच्छे आयुर्वेदाचार्य या फिर अपने डॉक्टर सलाह लेनी चाहिए। 

निष्कर्ष: आयुर्वेद में शिलाजीत को वात दोष को संतुलित करने के लिए एक असरदार दवा मानी जाती है। क्योंकि, वात दोष के कारण ही शरीर में थकान, जोड़ों और हड्डयों में दर्द, कमजोरी और सुस्ती जैसी समस्याएं होती है, जिन को शिलाजीत से कम किया जा सकता है। नियमित शिलाजीत का सेवन करने से न केवल शरीर की कमजोरी, बल्कि शरीर की थकान को भी कम किया जा सकता है। पर, शिलाजीत का सेवन हमेशा आयुर्वेदाचार्य की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए और शारीरिक समस्याओं का समाधान पाने के लिए आप आज ही संजीवनी हेल्थ सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।