कुछ पुरुषों में स्पर्म काउंट कम होने के पीछे कौन से कारण हो सकते हैं जिम्मेदार? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

Persistent difficulty in urination and health tips for premature ejaculation.

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आज के समय में लोगों को अपनी गलत जीवनशैली की वजह से फर्टिलिटी से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिसमें स्पर्म काउंट कम होना जैसी गंभीर समस्या भी शामिल है। यह समस्या आज लोगों में बहुत ही आम बन चुकी है। इस समस्या के कई कारण हो सकते हैं, जिन में महत्वपूर्ण बदलाव करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। ऐसे में, अगर आप कंसीव करना चाहते हैं, तो इसके लिए स्पर्म काउंट का पर्याप्त मात्रा में होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में, स्पर्म की गतिशीलता और गुणवत्ता का होना भी जरूरी होता है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि गर्भधारण करने के लिए या फिर बच्चा पैदा करने के लिए पुरुषों में कम से कम 20 मिलियन से भी ज्यादा स्पर्म काउंट का होना काफी महत्वपूर्ण होता है। आम तौर पर, इस में से लगभग 60 फीसदी स्पर्म अच्छे से गति करने वाले होने चाहिए। आम तौर पर, स्पर्म काउंट कम होने की समस्या के कारण इनफर्टिलिटी की समस्या हो सकती है। आज के समय में ऐसे कई तरह के व्यक्ति हैं जिनको स्पर्म काउंट कम होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह से उनकी पार्टनर को कंसीव करने में काफी ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ता है। स्पर्म काउंट कम होने से गर्भधारण में मुश्किल आती ही है, इसमें कोई भी शक नहीं है। स्पर्म काउंट कम होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, जिसमें लाइफस्टाइल, मेडिकल और पर्यावरण से जुड़ी कारण शामिल हो सकते हैं। गंभीर समस्या होने पर आप अपने डॉक्टर से भी संपर्क कर सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

1. लाइफस्टाइल से जुड़े कारण 

स्पर्म काउंट कम होने के पीछे लाइफस्टाइल से जुड़े कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। जिसमें धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन करना शामिल है। यह स्पर्म काउंट कम होने के पीछे का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। आम तौर पर, अगर आप रोजाना नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं, तो इससे न केवल शुक्राणुओं की गुणवत्ता प्रभावित होती है, बल्कि शुक्राणुओं की संख्या भी बुरी तरीके से प्रभावित हो सकती

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है। जो लोग अक्सर ही इन चीजों का सेवन करते हैं, उन में पक्के तौर पर स्पर्म काउंट कम होने की समस्या पाई जाती है। इसके अलावा, तनाव, गैर सेहतमंद आहार का सेवन करना, शरीर में पोषक तत्वों की कमी होना और मोटापा भी इस तरह की समस्या का एक बहुत बड़ा कारण बन सकते हैं। 

2. मेडिकल से जुड़े कारण

आम तौर पर, स्पर्म काउंट कम होना आज एक आम समस्या बन गई है, जिसके पीछे कुछ मेडिकल से जुड़े कारण भी शामिल हो सकते हैं। दरअसल, शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी होने से एक व्यक्ति का स्पर्म काउंट बुरी तरीके से प्रभावित हो सकती है। पिट्यूटरी ग्रंथि और थायराइड की बीमारी की वजह से भी स्पर्म काउंट कम होने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, अंडकोष की नसों में होने वाली समस्या की वजह से न केवल शुक्राणुओं की संख्या बुरी तरीके से प्रभावित होती है, बल्कि इसके कारण स्पर्म की गुणवत्ता पर भी काफी ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ता है। यौन संचारित बीमारियां भी स्पर्म प्रोडक्शन को बुरी तरीके से प्रभावित कर सकती हैं। 

स्पर्म काउंट को बढ़ाने के लिए किन उपायों का इस्तेमाल किया जा सकता है? 

दरअसल, स्पर्म काउंट को बढ़ाने के लिए आप निम्नलिखित उपायों को अपना सकते हैं, जैसे कि 

1. स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए आप अपनी डाइट में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव कर सकते हैं, ऐसे में आप अपनी डाइट में नट्स, सीड्स, हरी सब्जियां और फल आदि को शामिल कर सकते हैं। 

2. ऐसे में, आपकी डाइट में अश्वगंधा, सफेद मूसली, शतावरी, शिलाजीत आदि का सेवन भी आपके स्पर्म काउंट को बढ़ाने में आपकी काफी ज्यादा सहायता कर सकता है। 

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3. ऐसे में, रोजाना एक्सरसाइज करना न केवल सेहत के लिए बल्कि स्पर्म काउंट को बढ़ाने के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। 

4. ऐसे में, इस समस्या को बढ़ने से रोकने के लिए वॉक और योगासन भी कर सकते हैं।

5. स्पर्म काउंट कम होने की समस्या से अपना बचाव करने के लिए धूम्रपान और शराब से दूरी बनाकर रखें।

6. ऐसे में, पर्याप्त नींद लें। रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें।

7. ऐसे में तनाव भरी स्थितियों से कोसों दूर रहें और रोजाना मेडिटेशन करें।

निष्कर्ष: गर्भधारण करने के लिए पर्याप्त मात्रा में स्पर्म काउंट का होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। यह एक बहुत ही गंभीर समस्या है, जिस पर अगर समय रहते कंट्रोल न पाया गया, तो यह आगे चलकर बांझपन का कारण भी बन सकता है। आज इस समस्या को बहुत से पुरुषों में देखा जा रहा है, जिसके पीछे पर्यावरणीय, लाइफस्टाइल और मेडिकल से जुड़े कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इसके कारण कंसीव करने में मुश्किल हो सकती है। स्पर्म काउंट कम होने की समस्या की वजह से आपके शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी काफी मात्रा में देखी जा सकती है। अच्छे से कंसीव करने के लिए अपने सपरं काउंट को बढ़ाना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए आप कई तरह के तरीकों को अपना सकते हैं, जिस में नींद अच्छे से लेना, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना, तनाव से दूर रहना, रोजाना कसरत करना और धूम्रपान और शराब से दूरी बनाकर रखना जैसे कई तरीकों को अपना सकते हैं। ऐसे में, आप अपनी डाइट में पोषक तत्वों को जरूर शामिल करें। इस तरह की समस्या होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और स्पर्म काउंट कम होने जैसी किसी भी तरह की समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही संजीवनी हेल्थ सेंटर के विशेषज्ञों के साथ संपर्क कर सकते हैं। 

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!

प्रश्न 1. क्या स्पर्म काउंट कम होने की समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को परेशान कर सकती है? 

दरअसल, हाँ स्पर्म काउंट कम होने की समस्या वैसे तो किसी भी उम्र के पुरुष और किसी भी वक्त परेशान कर सकती है। 

प्रश्न 2. स्पर्म काउंट कम होने के पीछे कौन-कौन से कारण जिम्मेदार हो सकते हैं? 

आम तौर पर, स्पर्म काउंट कम होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, जिसमें ज्यादातर नशीली दवाओं का सेवन करना, धूम्रपान करना, गैर सेहतमंद खाने का सेवन करना, खराब जीवनशैली होना, ज्यादातर तनाव में रहना और अंडकोष में संक्रमण होना जैसी कई गंभीर स्थितयां शामिल हो सकती हैं। 

प्रश्न 3. स्पर्म काउंट कम होने की समस्या का पता कब चलता है? 

दरअसल,आपको बता दें, कि स्पर्म काउंट कम होने की समस्या का पता ज्यादातर कंसीव करने में आ रही दिक्कतों के कारण चलता है। 

प्रश्न 4. क्या स्पर्म काउंट कम होने की समस्या का विकास एक दम से हो जाता है?

दरअसल, ज्यादातर मामलों में स्पर्म काउंट कम होने की समस्या का विकास आम तौर पर धीरे-धीरे होता है। पर, कुछ विशेष स्थितियों में एक व्यक्ति के स्पर्म काउंट में अचानक से गिरावट देखी जा सकती है। 

प्रश्न 5. क्या यह समस्या बांझपन का कारण बनती है? 

दरअसल, हां यह बात बिल्कुल सच है, कि अगर इस समस्या को समय रहते कंट्रोल न किया जाए, तो यह आगे चलकर बांझपन जैसी गंभीर समस्या का कारण बन सकती है। ऐसे में, पीड़ित व्यक्ति को गर्भधारण करने में कई दिक्क्तों का सामना करना पड़ सकता है।