जानिए आयुर्वेदिक नुस्खे कैसे मददगार है किडनी में से क्रिएटिनिन जैसे जहर को निकालने में ?

जानिए आयुर्वेदिक नुस्खे कैसे मददगार है किडनी में से क्रिएटिनिन जैसे जहर को निकालने में ?

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किडनी में अगर दर्द या किसी अन्य तरह की समस्या उत्पन्न हो जाए तो इससे बचाव के लिए आपको समय रहते इसके उपचार को करवाने की तरफ आगे बढ़ना चाहिए। इसके अलावा क्रिएटिनिन का हमारे किडनी से क्या संबंध है इसके बारे में आज के आर्टिकल में बात करेंगे ;

​क्या है क्रिएटिनिन ? 

  • आपको बता दें कि क्रिएटिनिन एक अपशिष्ट उत्पाद है जो खून में तब बनता है, जब किडनी सामान्य रूप से कार्य नही कर पाती है। 
  • वही किडनी के इलाज के लिए कई तरह के मेडिकल इलाज भी मौजूद है, लेकिन अगर आप बिना किसी नुकसान के इस समस्या का इलाज करवाना चाहते है तो इसके लिए आप आयुर्वेद का भी सहारा ले सकते है।

किसी भी समस्या के इलाज का चयन आयुर्वेद में करने से पहले बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर का चयन जरूर से करें।

किडनी में किसी भी तरह की समस्या कैसे उत्पन्न होती है ?

  • अल्पकालीन किडनी विफलता जिसको (एक्यूट किडनी इंज्यूरी) भी कहा जाता है। ये ऐसे रोग होते है, जिनकी वजह से किडनी की कार्यक्षमता में अचानक कमी या नुकसान हो जाता है। 
  • वही ये रोग किसी इंफेक्शन, बैक्टीरिया आदि या फिर किसी सर्जरी के बाद उत्पन्न हो जाते है। वही इन रोगों को सामान्य इलाज से ठीक किया जा सकता है, लेकिन समय पर सही इलाज न करना भी इसमें गंभीर स्थिति को जन्म दे सकता है। 
  • इसके अलावा किडनी में AKI जैसा रोग होने से पहले अगर मरीज पूरी तरह स्वस्थ था, तो AKI के इलाज के बाद मरीज की किडनी स्वस्थ हो जाती है।
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यदि आपको भी अपने अल्पकालीन किडनी विफलता (AKI) का इलाज करवाना है तो इसके लिए आप बेस्ट आयुर्वेदिक क्लिनिक का चयन जरूर से करें।

किडनी में समस्या के कारण क्या है ?

  • कई तरह की एंटी-बायोटिक दवाएँ, मधुमेह और उच्च रक्तचाप भी किडनी विफलता का मुख्य कारण मानी जाती है।
  • किडनी में खून का पहुँचना जिसके चलते किडनी अचानक बंद हो जाए या उसमे कमी आ जाए तो किडनी की विफलता का खतरा बढ़ जाता है। खून कम पहुँचने की स्थितियाँ दिल का दौरा पड़ना, दिल की बीमारी, जिगर की विफलता, पानी की कमी, सेप्सिस जैसे कई गंभीर संक्रमण और उच्च रक्तचाप है। या पॉलीसिस्टिक किडनी रोग का होना।
  • मूत्र संबंधी समस्याओं को भी किडनी खराब होने का प्रमुख कारण माना गया है।
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किडनी बचाव के लिए आयुर्वेदिक उपाय क्या है ?

  • हल्दी जोकि हर एक के घर में जरूर से इस्तेमाल की जाती है वही बता दे की हल्दी का सेवन करने से आप किडनी के कार्य को बेहतर बनाने में भी मददगार साबित हो सकते है। इसलिए आपको अगर आपके किडनी में किसी भी तरह की समस्या नज़र आए तो अपने खाने के साथ एक गिलास दूध में हल्दी का सेवन जरूर करें।
  • खीरा खाने से भी आप किडनी की समस्या से खुद का बचाव कर सकते है। 
  • आयुर्वेदिक जडीबुटियों की अगर बात करें, तो पुनर्नवा, गोक्षुर, वरूण, गुडुची, कासनी, तुलसी, अश्वगंधा तथा आंवला आपके किडनी को लंबे समय तक हेल्दी रखने में सहायक मानी जाती है। वही ये दवाइयां आपके किडनी की खराब हो चुके सेल्स को भी ठीक करने में प्रभावी मानें जाते है। 
  • किडनी को ठीक रखने में अनार और साबुत अनाज भी काफी मदगार माना जाता है।
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किडनी बचाव के लिए बेस्ट आयुर्वेदिक सेंटर व क्लिनिक !

यदि आप भी किडनी में खराबी के कारणों से जूझ रहें है, तो इससे बचाव के लिए आपको संजीवनी हेल्थ सेंटर का चयन करना चाहिए। 

निष्कर्ष :

किडनी में किसी भी तरह की खराबी को नज़रअंदाज़ न करें बल्कि समय रहते किसी बेहतरीन डॉक्टर का चयन जरूर से करें।