सामान्य यौन स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे जो कर रहे है महिला और पुरुष के यौन स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित 

यौन स्वास्थ्य समस्याएँ पुरुषों और महिलाओं में प्रमुख मुद्दे

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यौन स्वास्थ्य समस्त कल्याण का एक महत्वपूर्ण पहलू होता है, जिसमें शारीरिक, भावनात्मक, मानसिक और सामाजिक आयाम भी शामिल होते है | इसकी इतनी महत्वता होने के कारण भी यौन स्वास्थ्य अक्सर कलंक और गलत सूचनाओं के इर्द-गिर्द घिरा हुआ रहता है | जिसके चलते आम चिंताओं को संबोधित करना और सटीक जानकारी को प्रदान करना बेहद आवश्यक हो जाता है | यौन स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएं, एसटीडी यानी यौन संचारित रोग और अनचाहे गर्भधारण से लेकर यौन क्रिया और भावनात्मक स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दों तक हो सकता है | इस चिंताओं और इनसे जुड़े जोखिम कारक और निवारक उपायों को समझने से प्रत्येक व्यक्ति सूचित निर्णय लेने और स्वस्थ जीवन बनाये रखने में सक्षम हो सकता है | आइये जानते है इस विषय को विस्तारपूर्वक से :-      

यौन स्वास्थ्य समस्याएँ पुरुषों और महिलाओं में प्रमुख मुद्दे

यौन स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं को प्रभावित करने वाले कारक 

यौन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं में कई तरह के कारक अपना योगदान दे सकते है, जिनमें शामिल है :- 

  • हार्मोनल असंतुलन :- पीसीओस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम और थाइरोइड जैसे विकार व्यक्ति के शरीर में मौजूद हार्मोन्स को असंतुलन कर देती है, जो यौन स्वास्थ्य को प्रभावित करते है |  
  • अत्यधिक मानसिक स्वास्थ्य :- लंबे समय तक रहने वाला तनाव, चिंता और अवसाद जैसे मानसिक विकार कामेच्छा, यौन प्रदर्शन और समस्त यौन संतुष्टि पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते है | 
  • नशीले पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन करना :- नशीले दवाएं और शराब जैसे मादक पदार्थ सही निर्णय लेने की क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है, संकोच को कम कर सकती है और जोखिमपूर्ण यौन व्यवहार को उत्पन्न कर सकती है | 
  • कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव पड़ने से :- कुछ दवाएं ऐसे भी होते है, जिनके दुष्प्रभाव सीधा यौन स्वास्थ्य पर पड़ता है, जिनमें अवसाधरोधी और रक्तचाप की दवाएं शामिल है, जो यौन क्रियाओं को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है | 
  • दीर्घकालिक बीमारियां :- हृदय रोग और कैंसर संबंधित बीमारियां मानसिक और शारीरिक दोनों कारणों से ही यौन स्वास्थ्य को प्रभावित कर देती है | 
  • अपने साथी के साथ ख़राब संचार :- अपने यौन साझेदारी साथी के साथ खुले और ईमानदार संचार की कमी होने के कारण, उनके बीच गलत फहमियां पैदा हो जाती है, जो असंतोषजनक यौन का अनुभव करवा सकती है |  
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पुरुष यौन स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएं 

  1. इरेक्टल डिसफंक्शन :- इरेक्टल डिस्फंक्शन यानी स्तंभन दोष, संभोग के लिए पर्याप्त इरेक्शन को बनाए रखने में हुए असमर्थता को कहा जाता है | यह एक अस्थायी और दीर्घकालिक स्थिति होती है, जिससे यौन स्वास्थ्य से जुड़ी कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती है |   
  1. कामेच्छा की कमी :- कामेच्छा की कमी यानी सेक्स ड्राइव एक आम समस्या है, जो कई पुरुषों को उनके जीवन में किसी न किसी मोड़ पर प्रभावित करती है | यह अक्सर रिश्तों की समस्यायों, तनाव या थकान से जुड़ा हुआ होता है, लेकिन यह किसी अंतर्निर्हित चिकित्सा समस्या का संकेत भी हो सकता है |   
  1. स्खलन संबंधी शिथिलता :- स्खलन संबंधी शिथिलता यौन से जुडी एक ऐसी समस्या है, जिसमें पुरुषों को वीर्य ठीक से स्खलित करने में काफी परेशानी होती है | पुरुषों में यह समस्या कई तरह से हो सकती है, जैसे समय से पहले स्खलन होना, विलंबित स्खलन, प्रतिगामी स्खलन, या फिर बिल्कुल ही स्खलन न होना आदि |    
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महिला यौन स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएं

  1. वेजिनीस्मस योनि की कोशिकाओं का अनैच्छिक कसाव होता है, जिसमें प्रवेश दर्दनाक और असंभव हो जाता है | जिससे आपको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और आपके रिश्तों में दरारें भी आ सकती है |
  1. दर्दनाक रूप से संभोग या फिर डिस्परेयूनिया जैसी स्थिति यौनि द्वार पर हो सकता है, जिससे यौन संतुष्टि और इच्छा के महत्वता को गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है | 
  1. महिला यौन रोग यानी फीमेल सेक्सुअल डिसफंक्शन में विभिन्न समस्याएं शामिल होती है, जैसे कि कामेच्छा की कमी, उत्तेजना संबंधी समस्याएं, चारमुख प्राप्त करने में असमर्थता होना और अन्य वैज्ञानिक कारक भी शामिल हो सकते है |

यौन संचारित रोग  

यौन संचारित रोग यानी एसटीडी, यौन स्वास्थ्य से जुड़ी एक गंभीर स्थिति है, जो आपके यौन संबंध बनाने के बाद विकसित होती है | यदि एसटीडी का समय रहते इलाज न किया गया तो यह स्थिति को और भी गंभीर कर सकता है, जो आगे जाकर पीड़ित व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो सकता है | लेकिन अगर एसटीडी के लक्ष्यों और कारणों का पता समय पर लग जाता है तो इससे नियंत्रित किया जा सकता है | सामान्य एसटीआई में गोनोरिया, क्लैमाइडिया, सिफलिस, एचआइवी और हर्पीज़ आदि शामिल होते है | 

परीक्षण की महत्वता

  • शीघ्र पहचान :- यदि आप नियमित रूप से अपने यौन स्वास्थ्य की जाँच करवाते है तो इससे एसटीडी जैसे जटिल रोगों का समय पर पहचान कर उसका इलाज किया जा सकता है | 
  • गोपनीयता :- अधिकतर परीक्षण केंद्र गोपनीयता को सुनिश्चित करते हुए गोपनीय सेवाएं भी प्रदान करते है |
  • मन की शांति :- अपनी यौन स्थिति को जानने के बाद यौन स्वास्थ्य से जुड़ी और तनाव को कम करने में काफी मदद मिलती है |    
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सुरक्षित यौन व्यवहार को समझना 

यौन संचारित रोगों और अनचाहे गर्भधारण के जोखिम कारक को कम करने के लिए सुरक्षित रूप से यौन संबंध को बनाना बेहद ज़रूरी होता है | सुरक्षित रूप से यौन संबनध बनाने के मुख्य कारकों में शामिल है :- 

  • कॉन्डम का उपयोग ज़रूर करें |  
  • आपके साथी के साथ अपने यौन इतिहास, एसटीआई परीक्षण और गर्भनिरोधक के बारे में ज़रूर चर्चा करें | 
  • यौन रूप से सक्रिय व्यक्तियों के लिए यह ज़रूरी होता है की वह अपना एसटीआई की जाँच करवाते रहे | 
  • यौन साझेदारी को कम करने से यौन संचारित रोगों का जोखिम कारक काफी कम हो जाता है | 

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