स्तंभन दोष या इरेक्टाइल डिसफंक्शन के क्या है कारण, लक्षण और इलाज ?

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सेक्स के दौरान लिंग की उत्तेजना में लगातार कमी आने की समस्या को इरेक्टाइल डिसफंक्शन के नाम से जाना जाता है, वहीं यह पुरुषों में पाया जाने वाला एक यौन विकार है। इसे नपुंसकता भी कहा जाता है। यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें पुरुष इरेक्शन कर पाने में असमर्थ होते है या फिर उसे बहुत कम समय के लिए इरेक्शन होता है। इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या हर उम्र के पुरुषों में देखी जा सकती है। यह बीमारी ज्यादातर उन पुरुषों में देखी जाती है जिनकी उम्र 45 वर्ष से अधिक होती है, तो आज के लेख में हम इरेक्टाइल डिसफंक्शन के क्या है लक्षण, कारण और बचाव के तरीके इसके बारे में चर्चा करेंगे ;

स्तंभन दोष या इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या क्या है ?

  • पुरुषों में इनफर्टिलिटी और नपुंसकता जैसी समस्याएं आजकल गंभीर समस्या बन गई है, विशेषकर पुरुष बांझपन के मुद्दे को ध्यान में रखते हुए।
  • इरेक्टाइल डिसफंक्शन एक ऐसी समस्या है, जिसमें पुरुष के लिंग में संभोग के दौरान उत्तेजना नहीं होती या फिर उसे बनाए रखने में परेशानी होती है। यह समस्या युवाओं की तुलना में अधिक उम्र के पुरूषों में होने की संभावना अधिक होती है।
  • इरेक्टाइल डिस्फंक्शन से प्रभावित पुरूष यौन इच्छा और इरेक्शन में कमी जैसी कठिनाईयों का सामना करते है। इसका प्रभाव सेक्स लाइफ पर तो पड़ता है साथ ही पुरूष भावनात्मक रूप से भी स्वयं को कमजोर महसूस करते है। समय पर चिकित्सकीय सलाह और उपचार से इस बीमारी को ठीक किया जा सकता है।

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन या स्तंभन दोष के प्रकार कितने है ?

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को दो भागों में बांटा जा सकता है। पहला ‘प्राइमरी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन; और दूसरा ‘सैकेंडरी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन’ ;

  • प्राइमरी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) एक ऐसी विकट स्थिति है, जिसमें व्यक्ति पूरे जीवन में इरेक्शन बनाए रखने में असमर्थ रहता है। यह स्थिति बहुत कम केसेज में सामने आती है।
  • सैकेंडरी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED), से प्रभावित व्यक्ति में इरेक्शन की समस्या पहले ही मौजूद होती है, लेकिन अब किन्हीं कारणों से इरेक्शन नहीं हो पा रहा है। तो इस समस्या से पीड़ित ज्यादातर पुरूषों में यह लक्षण सामने आते है। इसे दवा या सर्जरी व अच्छे आहार के साथ-साथ साधारण जीवनशैली व इलाज करके सही किया जा सकता है।
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अगर संभोग के दौरान इरेक्शन को बनाए रखने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो इसके लिए आपको यौन दुर्बलता का उपचार करवाना चाहिए।

पुरुषों में संभोग के कारण क्या है ?

  • इरेक्टाइल डिसफंक्शन के शारीरिक या मनोवैज्ञानिक या फिर दोनों ही कारण हो सकते है। संभोग के दौरान पुरूष के मस्तिष्क, मांसपेशियां, रक्त वाहिकाएं, हार्मोन और नसें सभी शामिल होती है। इन सभी में से किसी में भी समस्या उत्पन्न होने पर इरेक्टाइल डिसफंक्शन की स्थिति पैदा हो सकती है।
  • शारीरिक कारणों की बात करें तो ये मुख्य रूप से रक्त प्रवाह और रक्तचाप संबंधी रोग इसके कारण हो सकते है। हृदय रोग, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, नींद से जुड़े रोग, एथेरोस्क्लेरोसिस, उच्च रक्तचाप जैसी शारीरिक स्थितियां लिंग के रक्त प्रवाह को प्रभावित करती है। 
  • मनोवैज्ञानिक कारण, यौन ट्रॉमा मनोवैज्ञानिक मुद्दों के कारण भी होते है। स्ट्रेस, पोर्न की लत, चिंता, डिप्रेशन, रिश्तों में अपनेपन की कमी, सेक्स परफॉरमेंस को लेकर टेन्शन आदि कारण हो सकते है।
  • इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के कुछ अन्य कारण की बात करें, तो पोषण की कमी, शराब का अधिक सेवन, फिजिकल एक्टिविटी की कमी या व्यायाम न करना, खराब खानपान में कमी भी इस तरह की समस्या को उत्पन्न कर सकती है।

इसके कारणों को जानकर कर आप इस समस्या से खुद का बचाव बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से भी करवा सकते है, क्युकि इन डॉक्टर की मदद से आपकी समस्या का समाधान धीरे-धीरे जड़ से होता है, वो भी बिना किसी दवाई के नुकसान के। 

स्तंभन दोष या इरेक्टाइल डिसफंक्शन के दौरान किस तरह के लक्षण नज़र आते है ! 

  • इरेक्शन होने में समस्या का सामना करना।
  • बहुत कम समय के लिए इरेक्शन का होना। 
  • सेक्स की इच्छा में कमी का आना।
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स्तंभन दोष या इरेक्टाइल डिसफंक्शन से बचाव के लिए कौन-से घरेलु उपाय है मददगार ?

  1. लहसुन की मदद से इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या को दूर किया जा सकता है। इसमें एलिसिन (Allicin) नामक तत्व पाया जाता है, जो लिंग में रक्त के प्रवाह को तेज करता है। वहीं इसको बनाने के लिए लहसुन को धूप में सुखाकर पाउडर बना लीजिए। एक चम्मच लहसुन के पाउडर के साथ एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर मिलाएं और सोने से पहले एक गिलास पानी के साथ इसका सेवन करें। इससे इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या से छुटकारा मिलता है।
  2. गाजर में हाई बीटा कैरोटीन पाया जाता है, जिससे स्तंभन दोष की समस्या से लाभ मिलता है। वहीं इसको बनाने के लिए आप इसका चूर्ण बना लें और एक गिलास दूध के साथ 2 बड़े चम्मच गाजर का चूर्ण मिलाएं। फिर रोजाना सोने से पहले इस दूध का सेवन करें। गाजर का सलाद खाने से भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन से छुटकारा पाया जा सकता है।
  3. अगर आपको स्तंभन दोष की समस्या है या समय से पहले ही स्खलित हो जाते है, तो आपके लिए अदरक बहुत उपयोगी औषधि साबित हो जाती है। अदरक में कामोद्दीपक गुण मौजूद होते है, जिससे इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या को दूर किया जा सकता है।

इसके साथ ही एक मध्यम आकार के अंडे को उबालें और इसे पीस लें। अब अंडे में एक चम्मच शहद और आधा चम्मच अदरक का चूर्ण मिलाएं। रोजाना रात में सोने से पहले इसका सेवन करें। 1 महीने तक इस उपचार को उपयोग में लाने के बाद इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या में काफी हद तक ठीक हो जाती है।

  1. अनार का सेवन करने से शरीर की मांसपेशियां रिलैक्स होती है और रक्त संचार बेहतर करती है। अनार का सेवन करने से शरीर में नाइट्राइट ऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे रक्त का संचार बेहद सुलभ तरीके से होता है। यह इरेक्टाइल डिसफंक्शन से लड़ने में भी सहायक है। रोजाना ताजे अनार का जूस पीने से स्तंभन दोष की समस्या से राहत मिलती है।
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स्तंभन दोष या इरेक्टाइल डिसफंक्शन से कैसे करें खुद का बचाव ?

  • शराब, धूम्रपान आदि नशे वाली चीजों से दूरी बनाकर रखें।
  • वजन कंट्रोल करें। इसके लिए आप व्यायाम और तरह-तरह की एक्सरसाइज का सहारा लें सकते है। 
  • खान-पान पर विशेष ध्यान दें। ऐसे पदार्थों का सेवन न करें, जिनमें कोलेस्ट्रॉल की अधिक मात्रा पाई जाती हो या जिससे शरीर में शुगर लेवल ज्यादा घटता या बढ़ता हो।

स्तंभन दोष का पता कैसे लगाया जा सकता है ?

  • शारीरिक टेस्ट करवाना और इसमें लिंग और अंडकोष के साथ नसों की उत्तेजना से जुड़े टेस्ट किये जाते है। 
  • ब्लड टेस्ट, जिसमे डायबिटिज, कम टेस्टोस्टेरोन लेवल, कोरोनरी बीमारी और अन्य स्थितियों के बारे में जानने के लिए किया जाता है। 
  • यूरिन टेस्ट, जो डायबिटिज के बारे में पता करने के लिए जानी जाती है।  
  • अल्ट्रासाउंड, को रक्त प्रवाह से जुड़े विकार जांचने के लिए किया जाता है।  
  • मनोवैज्ञानिक टेस्ट, या  डिप्रेशन के किसी भी लक्षण या मनोवैज्ञानिक कारण जानने के लिए डॉक्टर के द्वारा मरीज से चर्चा की जाती है।

सुझाव :

आप चाहें तो स्तंभन दोष या इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज संजीवनी हेल्थ सेंटर से भी करवा सकते है, पर ध्यान रहें, किसी भी तरह की जल्दबाजी में आकर आपको इस तरह की समस्या का इलाज नहीं करवाना चाहिए। बल्कि इसके इलाज को अनुभवी डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए। 

स्तंभन दोष का अन्य इलाज क्या है ?

  • ओरल मेडिकेशन की मदद से इसका इलाज किया जाता है। 
  • मनोवैज्ञानिक सलाह। 
  • टेस्टोस्टेरोन उपचार। 
  • पेनाइल इम्प्लांटेशन, भी बेहतरीन इलाज के तरीके है, स्तंभन दोष या इरेक्टाइल डिसफंक्शन के।

निष्कर्ष :

स्तंभन दोष की समस्या काफी गंभीर मानी जाती है, इसलिए जरूरी है की आप इस तरह की समस्या का सामना अगर कर रहें, तो इसके लिए आपको समय रहते इसके इलाज के लिए किसी बेहतरीन डॉक्टर का चयन करना चाहिए, ताकि आपकी समस्या ज्यादा न बढ़ सकें।